भोपाल में E-20 पेट्रोल वाले हल्ले में बैठ गया पुरानी कारों का बाजार

भोपाल में E-20 पेट्रोल वाले हल्ले में बैठ गया पुरानी कारों का बाजार

भोपाल। बीस प्रतिशत एथेनाल मिले पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के माइलेज, क्षमता आदि में गिरावट का शोर तेज होता जा रहा है। सरकार ने भी माना कि इस ब्लेंडिंग से माइलेज में गिरावट तो आई है। इस हल्ले की वजह से पुरानी कारों का बाजार में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। भोपाल में भी पुराने वाहनों की खरीद फरोख्त का बड़ा बाजार है। पुरानी कारों के कारोबारी अनिल तेजा बताते हैं कि ई-20 का मामला आने से पहले तक केवल भोपाल शहर में हर महीने दो से ढाई हजार पुरानी कारें बिकती थीं।

एथेनाल मिश्रित पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों में आ रही दिक्कतों की वजह से ग्राहक अब इन्हें लेने से बच रहे हैं। पिछले एक-दो महीने से हर महीने मुश्किल से एक से डेढ़ हजार कारें बिक पा रही हैं। कार डीलर जीतेश दीनानी का कहना है कि कुछ पुराने वाहनों में इथेनाल मिश्रित पेट्रोल भरवाने से इंजन क्षमता कम होने की शिकायत है। मैकेनिक बताते हैं कि फ्यूल पंप भी खराब हो रहे हैं। 2023 के बाद के कार मॉडल में ये शिकायतें नहीं है। कार डीलर कार कारोबारियों का कहना है कि 2023 के बाद के माडल में समस्या नहीं है, लेकिन ऐसी कारें कम ही उपलब्ध हैं।

इस तरह की दिक्कतों से बिगड़ा बाजार

कार मेकेनिक शमीम बताते हैं कि वर्ष 2023 से पहले के माडल वाले वाहन ई-10 पेट्रोल को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। ऐसे वाहनों में ई-20 पेट्रोल के उपयोग से फ्यूल पाइप, रबर सील, गैस्केट और फ्यूल पंप जैसे पुर्जे खराब होने की शिकायतें मिल रही है। कुछ मामलों में माइलेज में कमी और इंजन की कार्यक्षमता कम होने के मामले भी आए हैं। पुरानी कारों का पूरा बाजार पेट्रोल कारों पर ही था, अब इन समस्याओं ने ग्राहकों को असमंजस में डाल दिया है।

इस तरह का जुगाड़ भी चल रहा

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ हर्षेद्र जाचक का कहना है कि ई-20 पेट्रोल को लेकर बेवजह की चिंताए अधिक हैं। एथेनाल पानी की तरह होता है इससे पेट्रोल टैंक में जंग लगने की संभावना रहती है। यदि उसमें एडिटिव मिलाया जाए तो यह समस्या दूर हो जाती है। ग्राहकों को इसकी जानकारी दी जाए तो इसका समाधान भी निकल आएगा।

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