पर्दे के पीछे का हीरो! कभी टीम इंडिया में खेलने का सपना हो गया था चूर-चूर, अब बनाया भारत को एशिया कप चैंपियन

पर्दे के पीछे का हीरो! कभी टीम इंडिया में खेलने का सपना हो गया था चूर-चूर, अब बनाया भारत को एशिया कप चैंपियन
नई दिल्ली: नियति की पटकथा भी कितनी अजीब होती है। कभी जिस खिलाड़ी ने अपने खून-पसीने से घरेलू क्रिकेट की पिच को सींचा, हजार-दो हजार नहीं बल्कि 11 हजार से ज्यादा रन बनाए और 30 बार शतक का जश्न मनाया, उसे कभी देश के लिए एक इंटरनेशनल मैच खेलने की नीली जर्सी तक नसीब नहीं हुई। किस्मत ने हर मोड़ पर उस बल्लेबाज का इम्तिहान लिया और भारत के लिए खेलने का उसका सपना हमेशा-हमेशा के लिए चूर-चूर हो गया।


लेकिन कहते हैं न कि सच्चा हीरो वो नहीं जो हार मान ले, बल्कि वो है जो नए रूप में वापसी करे। जिस दिग्गज को कभी खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाने पर भी जगह नहीं मिली, आज वही पर्दे के पीछे रहकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की किस्मत की नई इबारत लिख रहा है। नाम है, अमोल मजूमदार, जिनके शांत और सटीक मार्गदर्शन में भारत ने श्रीलंका को रौंदकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है।

खिलाड़ी के तौर पर छलका दर्द, लेकिन कोच बनकर रचा इतिहास


साल 1994 से 2013 के बीच मुंबई और असम के लिए घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने वाले अमोल मजूमदार फर्स्ट क्लास क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में शुमार रहे। उन्होंने 11,000 से अधिक फर्स्ट-क्लास रन बनाए, लेकिन उस दौर की भारतीय मेंस टीम के मिडल ऑर्डर में इतनी कड़ी लड़ाई थी कि मजूमदार को कभी भारत के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। लेकिन जब अक्टूबर 2023 में बीसीसीआई ने उन्हें भारतीय महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया, तो मजूमदार ने अपने अतीत के दर्द को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।

वर्ल्ड कप 2025 के बाद अब एशिया कप 2026 पर कब्जा


अमोल मजूमदार की कोचिंग में टीम इंडिया का गोल्डन एरा देखने को मिल रहा है। पर्दे के पीछे रहकर रणनीतियां बुनने वाले इस मास्टरमाइंड ने टीम को लगातार दो ऐतिहासिक सफलताएं दिलाई हैं। भारत की धरती पर खेले वर्ल्ड कप 2025 में मजूमदार की कोचिंग में टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में ताकतवर ऑस्ट्रेलिया और फिर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त देकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई थी। अब दुबई में खेले गए खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से मात देकर टीम इंडिया ने 8वीं बार एशिया कप पर कब्जा जमाया।

ट्रॉफी बॉयकॉट विवाद में बने टीम की ढाल


एशिया कप जीतने के बाद जब भारतीय टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इंकार किया, तब भी पर्दे के पीछे का यह हीरो अपनी टीम की मजबूत ढाल बनकर सामने आया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजूमदार ने साफ शब्दों में कहा, 'ट्रॉफी न लेने का फैसला BCCI का था और पूरी टीम इसके साथ है। हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और बड़ी स्क्रीन पर साफ लिखा है कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है। हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है और मुझे अपनी पूरी टीम पर गर्व है।' खिलाड़ी के तौर पर भले ही अमोल मजूमदार के हाथ निराशा लगी हो, लेकिन आज बतौर कोच वे भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मास्टरमाइंड बनकर उभरे हैं, जिन्होंने महिला टीम इंडिया को विश्व और एशिया कप दोनों का बादशाह बना दिया है।
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