TMC के बागी 20 सांसदों को मिलेगी मान्यता, स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों से बातचीत के बाद लेंगे आखिरी फैसला
कोलकाता: विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के मची भगदड़ के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में कोई फैसला लेंगे। स्पीकर के कार्यालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी सांसदों के समूह को एक ईमेल भेजा है। इस ई मेल में इन सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक के लिए बुलाया गया है। सूत्रों की मानें तो इस बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष बागी गुट से जुड़ा कोई फैसला लेंगे।
20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की
बता दें कि टीएमसी के बागी सांसदों के गुट के 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की थी। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपकर अपने समूह का एनसीपीआई में विलय करने का अनुरोध किया था। वहीं रविवार को अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को एक पत्र लिखा था। उन्होंने अनुरोध किया था कि कोई भी निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।
15 जून को भेजा था ईमेल
टीएमसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर के ऑफिस ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजा, जबकि उस समय ED उनसे पूछताछ कर रही थी। उनके पास अपना फ़ोन या ईमेल देखने का कोई ज़रिया नहीं था। लोकसभा स्पीकर के ऑफिस से आए ईमेल में अभिषेक बनर्जी को उसी दिन शाम 4 बजे तक (यानी दो घंटे का नोटिस देकर) दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मिलने के लिए कहा गया था। लोकसभा स्पीकर द्वारा अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजने के एक घंटे के अंदर ही टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद को स्पीकर के ऑफिस से फोन आया। इसमें उन्हें ईमेल और अपॉइंटमेंट के समय के बारे में बताया गया।
कीर्ति आजद ने किया अनुरोध
कीर्ति आजाद खुद स्पीकर के ऑफिस गए और उन्हें बताया कि अभिषेक बनर्जी सरकारी एजेंसियों की जांच में सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन अभी ED उनसे पूछताछ कर रही है, इसलिए वे शाम 4 बजे की मीटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने पूरा सहयोग करने का वादा करते हुए मीटिंग के लिए बाद का कोई समय और तारीख तय करने का अनुरोध किया।











