सनराइजर्स हैदराबाद के अंजान गेंदबाज ने बना दिया आईपीएल का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, 19 साल में कभी नहीं हुआ ऐसा

सनराइजर्स हैदराबाद के अंजान गेंदबाज ने बना दिया आईपीएल का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, 19 साल में कभी नहीं हुआ ऐसा
नई दिल्ली: सनराइजर्स हैदराबाद के युवा तेज गेंदबाज साकिब हुसैन के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेला गया मुकाबला कभी नहीं भूल पाएंगे। बिहार के रहने वाले 21 वर्षीय इस खिलाड़ी ने मैच में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को आउट कर अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल की। मैच के बाद साकिब की खुशी का ठिकाना नहीं था, वहीं उन्होंने अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड भी कर लिया।

साकिब के नाम शानदार रिकॉर्ड

साकिब हुसैन के लिए आईपीएल का यह पहला सीजन बेहद शानदार गुजर रहा है। बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने कोहली के अलावा एक और विकेट अपने नाम किया। इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत साकिब ने इस सीजन के 10 मैचों में अपने विकेटों की संख्या को 15 तक पहुंचा दिया है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस साल खेले हर एक मैच में कम से कम एक विकेट जरूर झटका है। ये आईपीएल में एक खास रिकॉर्ड है, जो आजतक किसी गेंदबाज के नाम नहीं रहा है।

हैदराबाद ने ठोका बड़ा स्कोर

इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों ने एक बार फिर रनों का तूफान खड़ा कर दिया। टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर बनाया। ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 22 गेंदों में 56 रन ठोककर टीम को तूफानी शुरुआत दी। इसके बाद ईशान किशन ने 44 गेंदों में 79 रनों की बेहद समझदारी भरी और ताबड़तोड़ पारी खेली। बाद में हेनरिक क्लासेन (24 गेंदों में 51 रन) और आखिरी ओवरों में नितीश रेड्डी की तेजतर्रार बल्लेबाजी की बदौलत हैदराबाद ने 250 का आंकड़ा पार किया। पूरी पारी के दौरान हैदराबाद के बल्लेबाजों ने कुल 20 चौके और 16 गगनचुंबी छक्के जड़े।

15 रन पर आउट हो गए विराट कोहली

बेंगलुरु के लिए 256 रनों के इस विशाल लक्ष्य का पीछा करना कभी भी आसान नहीं था। टीम की शुरुआत बेहद खराब रही, जहां स्टार बल्लेबाज विराट कोहली सिर्फ 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, वहीं देवदत्त पडिक्कल भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके। हालांकि, वेंकटेश अय्यर ने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट्स खेलकर रनों की रफ्तार बनाए रखने की कोशिश की लेकिन रनों का पहाड़ इतना ऊंचा था कि मैच बेंगलुरु की पकड़ से लगातार दूर होता चला गया।
Advertisement