जब लोगों के पास यह जानकारी सामने आई कि मच्छार ने किस तरह जान पर खेलकर विमान पर दोबारा पाने के लिए संघर्ष किया, तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनके लिए संदेशों की बाढ़ आ गई। कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के हमले में खून से लथपथ होने के बाद कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया था, जिसके यात्रियों को अंदर घुसने का मौका मिला और हालात काबू में आए।
'स्मित मच्छार, ये नाम नहीं भूलेंगे', भारत के हीरो पायलट के लिए इजरायल से संदेशों की बाढ़, हर कोई कर रहा बहादुरी की तारीफ
तेल अवीव: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का नाम नेताओं की जुबान से लेकर सोशल मीडिया तक गूंज रहा है। स्मित मच्छार ने असाधारण बहादुरी दिखाते हुए अपने को-पायलट को विमान को क्रैश कराने से रोक दिया। इस दौरान वह चाकू से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री ने उन्हें सच्चा नायक बताया। इजरायल में आम लोग उन्हें हीरो बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
जब लोगों के पास यह जानकारी सामने आई कि मच्छार ने किस तरह जान पर खेलकर विमान पर दोबारा पाने के लिए संघर्ष किया, तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनके लिए संदेशों की बाढ़ आ गई। कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के हमले में खून से लथपथ होने के बाद कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया था, जिसके यात्रियों को अंदर घुसने का मौका मिला और हालात काबू में आए।
जब लोगों के पास यह जानकारी सामने आई कि मच्छार ने किस तरह जान पर खेलकर विमान पर दोबारा पाने के लिए संघर्ष किया, तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनके लिए संदेशों की बाढ़ आ गई। कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के हमले में खून से लथपथ होने के बाद कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया था, जिसके यात्रियों को अंदर घुसने का मौका मिला और हालात काबू में आए।
