रायपुर, 5 अक्टूबर 2026 / छत्तीसगढ़ ने आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का हब बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। सिंगापुर में आयोजित पहले 'सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ' (SING) फोरम 2026 में राज्य को ₹43,250 करोड़ के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का वादा मिला, जिसमें अकेले ₹41,750 करोड़ का निवेश AI-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के लिए था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस फोरम में राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया; छत्तीसगढ़ ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर इसमें हिस्सा लिया था।
यह अहम वादा सिंगापुर में हेडक्वार्टर वाली कंपनी 'एनर्जी कैपिटल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड' की तरफ से आया है, जो छत्तीसगढ़ में 100 MW का AI-रेडी डेटा सेंटर कैंपस बनाएगी। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में ऑन-साइट क्लीन पावर के साथ AI-रेडी डेटा सेंटर बनाने और उन्हें फाइनेंस करने का काम करती है; कंपनी की मौजूदगी सिंगापुर, भारत, मलेशिया, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया में है। मुख्यमंत्री ने फोरम में कंपनी को निवेश का निमंत्रण सौंपा। यह वादा छत्तीसगढ़ की बढ़ती डिजिटल रफ्तार को और आगे बढ़ाएगा, क्योंकि राज्य में पहले से ही भारत का पहला AI डेटा सेंटर पार्क मौजूद है। ये सभी प्रोजेक्ट मिलकर छत्तीसगढ़ को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक उभरते हुए हब के तौर पर स्थापित कर रहे हैं।एनर्जी कैपिटल ग्लोबल के CEO, श्री स्टानिस्लाव बोरिसोव ने कहा, "छत्तीसगढ़ के पास AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज़रूरी क्षमता, ज़मीन और राजनीतिक इच्छाशक्ति है, और ये सब आज वहां मौजूद हैं। यह MOU एक लंबी अवधि की साझेदारी की शुरुआत है। हम मध्य भारत में सबसे बड़ा AI-रेडी डेटा सेंटर कैंपस बनाने, राज्य में अंतरराष्ट्रीय निवेश और विशेषज्ञता लाने और इसे चलाने के लिए छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के लिए उत्सुक हैं।" राज्य को सोलर सेक्टर में सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से 1,500 करोड़ रुपये के FDI का वादा भी मिला, जिसमें बैटरी स्टोरेज और संबंधित कंपोनेंट्स भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये कमिटमेंट्स छत्तीसगढ़ की नीतियों, क्षमता और लोगों में भरोसे का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इनसे राज्य के युवाओं के लिए नए मौके बनेंगे और छत्तीसगढ़ 'विकसित छत्तीसगढ़' के लक्ष्य के और करीब पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित एक चर्चा में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ भी हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के पक्ष में मज़बूत बात रखते हुए उन्होंने कहा, "हम बंद कमरों में चर्चा करके सुधार नहीं लाते। हम सीधे इंडस्ट्री से उनकी मुश्किलों के बारे में पूछते हैं और उसी हिसाब से अपने सिस्टम में बदलाव करते हैं। 450 से ज़्यादा सुधार किए जा चुके हैं और यह 'सुधार एक्सप्रेस' तब तक नहीं रुकेगी जब तक लोग खुद यह न कहें कि अब और सुधार की ज़रूरत नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि सुधारों, एक प्रगतिशील औद्योगिक नीति और सक्रिय सरकार के इस मेल से छत्तीसगढ़ को सिर्फ़ 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
सिंगापुर सरकार के विदेश मंत्रालय और व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री, सुश्री गैन सिओ हुआंग, इस फ़ोरम में 'गेस्ट ऑफ़ ऑनर' के तौर पर शामिल हुईं। उनकी मौजूदगी ने भारतीय राज्यों के साथ आर्थिक संबंध मज़बूत करने को लेकर सिंगापुर की प्राथमिकता को रेखांकित किया। मास्टरकार्ड, IHCL (ताज होटल्स) और नेस्ले जैसी ग्लोबल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
फ़ोरम के दौरान, मुख्यमंत्री ने एक्वाटेक और एड्रॉइट ओवरसीज़ प्राइवेट लिमिटेड के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन चर्चाओं में उद्योगों के लिए वेस्टवॉटर (गंदे पानी) के दोबारा इस्तेमाल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और छत्तीसगढ़ में फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में मौजूद बड़े मौकों पर ध्यान दिया गया। फ़ोरम से बनी गति को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री 6 अक्टूबर 2026 को होने वाली CEO राउंडटेबल में सिंगापुर की बड़ी कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रमुखों से मुलाक़ात करेंगे।
