प्रीमियम से डिस्काउंट पर आया रूस! कच्चा तेल सस्ता होने से रिफाइनरीज की होने वाली है चांदी

प्रीमियम से डिस्काउंट पर आया रूस! कच्चा तेल सस्ता होने से रिफाइनरीज की होने वाली है चांदी
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी गिरावट आई है। होर्मुज स्ट्रेट से धीरे-धीरे ट्रैफिक सामान्य हो रहा है। इससे गुरुवार को कच्चा तेल ईरान युद्ध के पहले स्तर पर आ गया। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से भारी मात्रा में अटके हुए तेल के फिर से बाजार में आने की संभावना है। इससे ओवरसप्लाई हो सकती है और कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट की आशंका है। कच्चा तेल सस्ता होने से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को मोटा मुनाफा होने की उम्मीद है।

गुरुवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग $72 प्रति बैरल रह गई। जून के पहले हफ्ते में यह कीमत औसतन $99 थी। उससे पहले मार्च से मई तक के तीन महीनों में यह $109 प्रति डॉलर थी। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट को देखते हुए रूस ने एक बार फिर से डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद वह भारी प्रीमियम वसूल रहा था।

कैसे होगी कमाई?

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिफाइनरीज को होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के साथ-साथ ईरानी तेल की बाजार में वापसी, यूएई के ओपेक से बाहर निकलने और रूस से बड़ी मात्रा में तेल की लगातार सप्लाई से भी फायदा होने की उम्मीद है। रिफाइनरीज अभी ऊंची कीमत पर खरीदे गए तेल को ही प्रोसेस कर रही हैं। इसलिए सस्ते तेल का फायदा उन्हें जुलाई-सितंबर की कमाई में देखने को मिलेगा।इंडस्ट्री के अधिकारियों ने कहा कि अगर क्रूड की कीमतें इसी स्तर के आस-पास बनी रहती हैं, तो रिफाइनरीज को सितंबर तिमाही में भारी प्रॉफिट हो सकता है। बशर्ते रिटेल फ्यूल की कीमतें नहीं बदलती हैं और सरकार मार्च में घोषित ₹10 प्रति लीटर फ्यूल टैक्स कटौती को वापस नहीं लेती है। सरकार ने मई में पेट्रोल और डीजल की कीमत में करीब 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

चीन की चाल

एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी डे-टु-डे आधार पर काम कर रहे हैं। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका-ईरान डील का अंतिम स्वरूप कैसा रहता है। साथ ही ईरानी तथा रूसी तेल पर प्रतिबंधों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता बनी हुई है। चीन के अगले कदम पर भी नजर रखी जा रही है।
चीन दुनिया में कच्चे तेल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। लेकिन चीन ने पिछले दो महीनों में खरीद में भारी कटौती की है। इससे ग्लोबल कीमतें काबू में रही हैं। अगर चीन अपने रिजर्व को भरने के लिए कोई कदम उठाता है, तो मार्केट तेजी से टाइट हो सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं।

तेल का खेल

  • कच्चे तेल की कीमत ईरान युद्ध से पहले के स्तर पर पहुंची
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है
  • कच्चा तेल सस्ता होने से रूस ने फिर से डिस्काउंट शुरू किया
  • इससे भारतीय रिफाइनरीज को काफी फायदा होने की उम्मीद

सस्ता तेल

अधिकारियों का कहना है कि भारतीय रिफाइनरीज सबसे सस्ता कच्चा तेल खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इसके साथ ही खाड़ी के सप्लायर्स के साथ टर्म-परचेज कमिटमेंट को भी पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। इराक, कुवैत, कतर और सऊदी अरब अपना कमिटमेंट पूरा करने के लिए तैयार हैं।

कुछ रिफाइनरीज ने पहले ही ऑर्डर देना और लॉजिस्टिक्स का इंतजाम शुरू कर दिया है। बाकी रिफाइनरीज भी अगले एक महीने में पश्चिम एशिया से क्रूड लेना फिर से शुरू कर देंगी। ब्रेंट क्रूड अभी 1 फीसदी गिरावट के साथ 74.51 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
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