YouTube से कमाई का बढ़ा ट्रेंड, GDP में 18000 करोड़ रुपये का योगदान, 9.6 लाख को मिला रोजगार
Updated on
30 Sep 2026, 01:03 PM
नई दिल्ली: भारत में यूट्यूब का क्रिएटर इकोसिस्टम तेजी से बड़ा आर्थिक क्षेत्र बनता जा रहा है। यूट्यूब की 2025 इम्पैक्ट रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेटफॉर्म के क्रिएटिव इकोसिस्टम ने साल 2025 में भारत की जीडीपी में 18000 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दिया। इसके साथ ही इस इकोसिस्टम ने 9.6 लाख से ज्यादा फुल-टाइम नौकरियों के बराबर रोजगार को सपोर्ट किया।यह रिपोर्ट ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की रिसर्च पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, YouTube के इकोसिस्टम से सिर्फ कंटेंट क्रिएटर्स को ही फायदा नहीं मिल रहा, बल्कि सिनेमैटोग्राफर, साउंड इंजीनियर, स्क्रिप्ट राइटर और प्रोडक्शन से जुड़े प्रोफेशनल्स समेत कई तरह के क्रिएटिव और टेक्निकल क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।एक साल में बढ़ा आर्थिक योगदान
- रिपोर्ट के मुताबिक यूट्यूब के क्रिएटर इकोसिस्टम का भारत की जीडीपी में योगदान पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है।
- इससे पहले के साल में इस इकोसिस्टम ने 16000 करोड़ रुपये से ज्यादा का आर्थिक योगदान दिया था और 9.3 लाख से अधिक फुल-टाइम नौकरियों के बराबर रोजगार को सपोर्ट किया था।
जयपुर से लेकर लखनऊ तक
- यूट्यूब के मुताबिक, प्लेटफॉर्म का आर्थिक प्रभाव अब सिर्फ बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। जयपुर, लखनऊ और कोच्चि जैसे नॉन-मेट्रो शहरों में भी नए क्रिएटिव क्लस्टर उभर रहे हैं।
- इन शहरों में स्थानीय प्रतिभाओं को तकनीकी और प्रोफेशनल स्किल विकसित करने के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपना काम और कारोबार बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं।
3 लाख से ज्यादा अप्रेंटिस को मिला सपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में यूट्यूब पर मोनेटाइजेशन करने वाले क्रिएटर्स के इकोसिस्टम ने 3 लाख से ज्यादा अप्रेंटिस को सपोर्ट किया। इससे डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी में युवाओं के लिए ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर बढ़ने का संकेत मिलता है।भारत यूट्यूब का सबसे बड़ा बाजार
भारत यूट्यूब का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। देश में प्लेटफॉर्म के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। यही वजह है कि भारत यूट्यूब के लिए वैश्विक स्तर पर ग्रोथ का एक बड़ा केंद्र है। कंपनी के मुताबिक, जून 2026 तक भारत में 20,000 से ज्यादा यूट्यूब चैनल 10 लाख सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर चुके थे।विदेशों में भी पहुंच रहा भारतीय कंटेंट
भारतीय क्रिएटर्स की पहुंच अब सिर्फ घरेलू दर्शकों तक सीमित नहीं है। यूट्यूब के अनुसार, भारतीय चैनलों पर बनाए गए कंटेंट के कुल वॉच टाइम का 15% से ज्यादा हिस्सा देश के बाहर के दर्शकों से आता है। यह भारतीय क्रिएटर्स के कंटेंट की बढ़ती वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।पहली बार कमाई
यूट्यूब ने बताया कि पिछले एक साल में भारत के 2 लाख से ज्यादा चैनलों ने पहली बार प्लेटफॉर्म से कमाई शुरू की। वहीं, सालाना 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कमाने वाले चैनलों की संख्या में साल-दर-साल 20% से अधिक की वृद्धि हुई। कमाई करने वाले क्रिएटर्स में से 73% ने यूट्यूब को अपनी आय का मुख्य स्रोत बताया है।