आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्य प्रदेश के निर्देश पर उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने देर रात जैन डेयरी कोलार और तड़के न्यू कृष्णा डेयरी, नादरा बस स्टैंड तथा नेशनल डेयरी का निरीक्षण किया। इसके अलावा सुबह करीब 4 बजे से रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी समेत कई स्थानों पर भी जांच की गई।
गुणवत्ता पर संदेह होने पर जब्ती
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता और स्वरूप को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद करीब 275 किलो पनीर को नियमानुसार जब्त कर लिया गया। विभाग ने इसके विधिवत नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है।
रिपोर्ट से पहले एनालॉग पनीर घोषित नहीं
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए पनीर को फिलहाल एनालॉग पनीर नहीं माना गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी संरचना और गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी वैकल्पिक या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद को पनीर के नाम से तो नहीं बेचा जा रहा था।
यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने शहर में इस तरह के उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर निगरानी बढ़ा दी है।
ई-कॉमर्स और संगठित रिटेल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी
एनालॉग पनीर की बिक्री और सप्लाई पर रोक के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में भोपाल के डेटा कॉलोनी स्थित D-Mart Ready का निरीक्षण कर पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए गए। टीम ने उत्पादों की लेबलिंग, पैकेजिंग, निर्माण और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों के साथ उनकी गुणवत्ता की भी जांच की।
विभाग Blinkit, D-Mart, Flipkart और Reliance Mall समेत ई-कॉमर्स और संगठित रिटेल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी कर रहा है। टीम यह जांच रही है कि कहीं एनालॉग या किसी वैकल्पिक उत्पाद को पनीर के नाम पर तो नहीं बेचा जा रहा है।
