भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में 'पीढ़ी परिवर्तन' और संगठन को ग्रासरूट लेवल पर मजबूत करने के लिए पार्टी ने बड़ी तैयारी की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जून के अंत में मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।
इस दौरान वे नवगठित 'संगठन सृजन' टीम के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। प्रदेश कांग्रेस ने उनके इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए रीवा और उज्जैन के नाम प्रस्तावित किए हैं।
पंचायत से प्रदेश स्तर तक के कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकात
कांग्रेस के 'संगठन वर्ष 2025' के तहत वार्ड, ग्राम और पंचायत स्तर तक नई टीमों का गठन किया गया है। राहुल गांधी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इन नवनियुक्त पदाधिकारियों को आगामी भूमिका के लिए तैयार करना और उनमें चुनावी उत्साह भरना है।वर्तमान में इन नियुक्तियों का सत्यापन (Verification) किया जा रहा है, ताकि धरातल पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की एक मजबूत टीम खड़ी की जा सके।
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित दोनों शहरों के पीछे कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है:
रीवा: यहाँ सम्मेलन करने से पूरे विंध्य अंचल को साधा जा सकेगा, जहाँ कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है।
उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी से मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार, राहुल गांधी किसी एक या दो संभागीय सम्मेलनों में शामिल होंगे, जिसकी अंतिम रूपरेखा जल्द ही केंद्रीय नेतृत्व के समन्वय से तय की जाएगी।
हाई-प्रोफाइल बैठकें और जनहित के मुद्दे
दौरे के दौरान राहुल गांधी प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के साथ भी उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें आगामी चुनावों की तैयारियों और भाजपा को घेरने की रणनीति पर मंथन होगा।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासियों के आंदोलन को भी अपना समर्थन दे सकते हैं।
वर्ष 2026 का तीसरा दौरा
उल्लेखनीय है कि इस साल राहुल गांधी का यह मध्य प्रदेश का तीसरा दौरा होगा। इससे पहले:
1. 17 जनवरी 2026: वे इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई जनहानि के पीड़ितों से मिलने आए थे।
2. 24 फरवरी 2026: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत की थी।











