प्रज्ञानंद ने किया कमाल का प्रदर्शन
पांच दिनों तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट में प्रज्ञानंद शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थे। टूर्नामेंट के पेनल्टीमेट दौर में उन्होंने उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ बाजी ड्रॉ खेली, जिससे उनके खिताब पर मुहर लग गई। सिंदारोव ने पूरे टूर्नामेंट में प्रज्ञानंद को कड़ी चुनौती दी और दूसरा स्थान हासिल किया लेकिन वे भारतीय खिलाड़ी से 1.5 अंक पीछे रह गए।जीत के बाद क्या बोले प्रज्ञानंद?
खिताबी जीत के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रज्ञानंद ने कहा, 'जब आप अंतिम स्कोरकार्ड देखते हैं तो सब कुछ आसान लगता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। यह मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण और रोमांचक था। जावोखिर की तारीफ करनी होगी, उन्होंने आखिरी समय तक शानदार खेल दिखाया और संघर्ष बनाए रखा।'बड़ा पुरस्कार किया नाम
इस ऐतिहासिक जीत के साथ प्रज्ञानंद को 50,000 डॉलर (लगभग 41 लाख से अधिक रुपये) का नकद पुरस्कार और 13 जीसीटी अंक मिले। इन अंकों की बदौलत वे साल 2026 की ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर रैंकिंग में सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं जहां अमेरिका के फैबियानो कारुआना टॉप पर हैं।सेंट लुइस में मिली इस बड़ी सफलता के बाद अब सभी की नजरें सिंकफील्ड कप पर टिकी हैं जो 10 अगस्त से शुरू होने जा रहा है।
