मोहल्ला साठा की रहने वाली कक्षा चार की छात्रा चारू कश्यप बीते मंगलवार को स्कूल से घर लौटते समय नाले के तेज बहाव में बह गई थी। गोताखोरों ने काली नदी में करीब पांच किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया। चारू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपनी बेटी का स्कूल बैग संभालकर बैठी हुई थीं। उनको उम्मीद थी कि चारू जिंदा वापस जरूर आएगी।
नहीं काम आईं दुआएं, करीब 90 घंटे बाद काली नदी में मिला मासूम चारू कश्यप का शव, घरवालों में चीख-पुकार
बुलंदशहर: वही हुआ जिसका डर था। लोगों की दुआएं काम नहीं आईं। यूपी के बुलंदशहर में नाले में गिरी 11 साल की मासूम चारू कश्यप का शव शनिवार सुबह करीब 90 घंटे बाद काली नदी से मिला है। NDRF, SDRF और पीएसी के गोताखोर तमाम कोशिशों के बावजूद चारू को जिंदा नहीं ला पाए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चारू की डेडबॉडी देखकर घरवालों में चीख-पुकार मच गई। पूरे मोहल्ले में मातम छा गया है।
मोहल्ला साठा की रहने वाली कक्षा चार की छात्रा चारू कश्यप बीते मंगलवार को स्कूल से घर लौटते समय नाले के तेज बहाव में बह गई थी। गोताखोरों ने काली नदी में करीब पांच किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया। चारू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपनी बेटी का स्कूल बैग संभालकर बैठी हुई थीं। उनको उम्मीद थी कि चारू जिंदा वापस जरूर आएगी।
मोहल्ला साठा की रहने वाली कक्षा चार की छात्रा चारू कश्यप बीते मंगलवार को स्कूल से घर लौटते समय नाले के तेज बहाव में बह गई थी। गोताखोरों ने काली नदी में करीब पांच किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया। चारू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपनी बेटी का स्कूल बैग संभालकर बैठी हुई थीं। उनको उम्मीद थी कि चारू जिंदा वापस जरूर आएगी।











