उज्जैन में बनेगा स्थायी सिंहस्थ कार्यालय, कैबिनेट में प्रस्ताव आज

उज्जैन में बनेगा स्थायी सिंहस्थ कार्यालय, कैबिनेट में प्रस्ताव आज
भोपाल, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय भोपाल से उज्जैन शिफ्ट करने के बाद अब मोहन सरकार उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ मेला कार्यालय शुरू करने जा रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव मंगलवार को मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार उज्जैन में सिंहस्थ मेला कार्यालय स्थायी रूप से संचालित किया जाएगा। वर्तमान में मेला कार्यालय केवल सिंहस्थ आयोजन के दौरान सक्रिय रहता है, लेकिन अब इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा।

यह कार्यालय हर 12 साल में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ और 6 साल में आयोजित अर्धकुंभ की तैयारियों, योजना और प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगा। कार्यालय शुरू करने की प्रशासनिक तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।

कैबिनेट बैठक में सहकारिता विभाग का महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसमें प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण देने वाली योजना को वर्ष 2026-27 में भी जारी रखने की मंजूरी दी जा सकती है।

प्रदेश में करीब एक करोड़ किसान हैं, जिनमें से लगभग 24 लाख किसान सहकारी बैंकों से जुड़े हैं। ये किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लेते हैं। निर्धारित अवधि के भीतर ऋण चुकाने पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता। इस ब्याज की राशि राज्य सरकार स्वयं वहन करती है।

कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा

  • सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए उज्जैन में स्थायी मेला कार्यालय की स्थापना और नए राजपत्रित व अराजपत्रित पदों के सृजन को मंजूरी।
  • शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उन्नयन संबंधी प्रस्ताव पर निर्णय।
  • वर्ष 2026-27 में सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण योजना जारी रखने पर फैसला।
  • भारतीय पुलिस सेवा (IPS) संवर्ग में पुलिस महानिदेशक (DGP) ग्रेड का एक अस्थायी पद सृजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा।
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना के तहत स्वीकृत मद को जारी रखने पर निर्णय।
  • मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी।
  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रभारी मुख्य अभियंता वेद प्रकाश सोनकर और अशोक कुमार बघेल के खिलाफ अनियमितताओं के मामले में विभागीय जांच के प्रस्ताव पर निर्णय।

Advertisement