एनएसई का शेयर बीएसई पर ₹1,800 पर लिस्ट हुआ जबकि इसका इश्यू प्राइस ₹1,785 था। यह कैश और इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में कुल टर्नओवर के हिसाब से देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई का शेयर 43 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके लिस्टेड ग्लोबल स्टॉक एक्सचेंजेज में सबसे ज्यादा है। यह वैल्यूएशन प्रीमियम निवेशकों की उम्मीदों को दिखाता है।
कौन-कौन हैं टॉप पर
ब्लूमबर्ग के मुताबिक न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) की पैरेंट कंपनी इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) $87.8 बिलियन के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड एक्सचेंज कंपनी है। इसके बाद हॉन्ग कॉन्ग एक्सचेंजेज एंड क्लियरिंग और डॉयचे बोर्स हैं। इनका मार्केट कैप क्रमशः $63.6 बिलियन और $59.5 बिलियन है। नैस्डैक और लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप का मार्केट कैप क्रमशः $53.3 बिलियन और $53 बिलियन है।ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट कैप बेस छोटा होने के बावजूद, NSE का P/E मल्टीपल टॉप पांच ग्लोबल एक्सचेंजों की 25-30 गुना की रेंज से काफी ऊपर है और 10 सबसे बड़े लिस्टेड एक्सचेंज ऑपरेटरों की 24-34 गुना की रेंज से भी ज्यादा है। बढ़ती आय, बचत के बढ़ते फाइनेंशियलाइज़ेशन और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के कारण भारत के कैपिटल मार्केट में मजबूत स्ट्रक्चरल ग्रोथ की उम्मीद है।
