उन्होंने कहा, हम उन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं, जो आपसे अलग तरह से पूजा करते हैं, जो आपसे अलग दिखते हैं। यहां हर किसी की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। लैंडर ने आगे कहा कि हमें मोहन भागवत को हमारे शहर की इस प्रतिष्ठित जगह का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि उनके संगठन ने मुसलमानों, सिखों, दलितों और ईसाइयों के खिलाफ हिंसा भड़काई और नफरत को बढ़ावा दिया है।
'मोहन भागवत की नफरत के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं', अमेरिकी नेता ने RSS चीफ के कार्यक्रम का किया विरोध
वॉशिंगटन: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में RSS चीफ मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध हो रहा है। मंगलवार 25 अगस्त को न्यूयॉर्क के सिटी हॉल में इंडियन-अमेरिकी मुस्लिम काउंसिल (IAMC) से जुड़े धार्मिक संगठनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव लड़ रहे ब्रैड लैंडर भी शामिल हुए और कहा कि न्यूयॉर्क शहर में भागवत और "RSS की नफरत" के लिए "कोई जगह नहीं" है।
उन्होंने कहा, हम उन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं, जो आपसे अलग तरह से पूजा करते हैं, जो आपसे अलग दिखते हैं। यहां हर किसी की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। लैंडर ने आगे कहा कि हमें मोहन भागवत को हमारे शहर की इस प्रतिष्ठित जगह का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि उनके संगठन ने मुसलमानों, सिखों, दलितों और ईसाइयों के खिलाफ हिंसा भड़काई और नफरत को बढ़ावा दिया है।
ममदानी ने RSS की तुलना ऐसे आंदोलन से की जो दूसरों को अलग-थलग रखने पर आधारित हैं। उन्होंने ऐसे संगठन के बढ़ने को चिंताजनक बताया और कहा कि वह न केवल भारतीय-अमेरिकी बल्कि न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर भी मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध करत हैं। उन्होंने भारत के साथ जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि उनकी मां का परिवार अभी भी भारत में है। साथ ही कहा कि वह भारत की चो छवि देखते हुए बड़े हुए, वह एक विविधतापूर्ण समाज की थी।
उन्होंने कहा, हम उन लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं, जो आपसे अलग तरह से पूजा करते हैं, जो आपसे अलग दिखते हैं। यहां हर किसी की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। लैंडर ने आगे कहा कि हमें मोहन भागवत को हमारे शहर की इस प्रतिष्ठित जगह का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि उनके संगठन ने मुसलमानों, सिखों, दलितों और ईसाइयों के खिलाफ हिंसा भड़काई और नफरत को बढ़ावा दिया है।
