आपको बता दें कि इस साल 14 जनवरी को हैदरगढ़ तहसील के टोल प्लाजा पर एक कार के गुजरने को लेकर हुए विवाद के दौरान प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर कथित तौर पर पांच लोगों ने हमला किया था। इस घटना के बाद विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे स्थित टोल प्लाजा पर जमा हो गए और जबरन परिचालन ठप कर दिया।
'वकालत सम्मानित पेशा, ऐसे छवि धूमिल होती है' SC ने बाराबंकी टोल प्लाजा में तोड़फोड़ पर जताई नाराजगी
बाराबंकी: सु्प्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित टोल प्लाजा पर वकीलों के तोड़फोड़ और हिंसा की घटना पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि वकालत एक सम्मानित पेशा है और ऐसी घटनाओं से छवि धूमिल होती है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को दोषी वकीलों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया।
आपको बता दें कि इस साल 14 जनवरी को हैदरगढ़ तहसील के टोल प्लाजा पर एक कार के गुजरने को लेकर हुए विवाद के दौरान प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर कथित तौर पर पांच लोगों ने हमला किया था। इस घटना के बाद विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे स्थित टोल प्लाजा पर जमा हो गए और जबरन परिचालन ठप कर दिया।
आपको बता दें कि इस साल 14 जनवरी को हैदरगढ़ तहसील के टोल प्लाजा पर एक कार के गुजरने को लेकर हुए विवाद के दौरान प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला पर कथित तौर पर पांच लोगों ने हमला किया था। इस घटना के बाद विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता लखनऊ-सुल्तानपुर हाइवे स्थित टोल प्लाजा पर जमा हो गए और जबरन परिचालन ठप कर दिया।











