इसके तहत अब इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली रह गई स्वीकृत सीटों पर 14 सितंबर तक प्रवेश दिए जा सकेंगे।
इससे एमबीए, बीसीए, बीबीए के साथ बीटेक और एमसीए जैसे एआईसीटीई-अनुमोदित पाठ्यक्रमों में प्रवेश का एक और अवसर मिलेगा।
च्वाइस फिलिंग का ऑप्शन
डीटीई की ओर से गुरुवार से कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) शुरू की गई है। इसके जरिए विद्यार्थी सीधे अपनी पसंद के कॉलेज में संपर्क कर उपलब्ध सीटों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा। अब तक वर्तमान में दो लाख 75 हजार सीटों में से करीब एक लाख 51 हजार सीटों पर प्रवेश हुए हैं। अभी भी 1.24 लाख सीटें खाली है। बीटेक में करीब 47 हजार सीटों पर प्रवेश हुए हैं।
