नेपाल ने भारत से खाद खरीद ऐसे समय कम की है, जब ईरान-अमेरिका ने शांति समझौते का ऐलान किया है। समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को खोला जाएगा और खाड़ी देशों से तेल-गैस और फर्टिलाइडर की आपूर्ति दुनियाभर में, खासतौर से एशियाई देशों को होने लगेगी। नेपाल और उसके पड़ोसी देश ईरान संघर्ष से काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
मई में दी गई थी मंजूरी
नेपाल की बालेश शाह सरकार की कैबिनेट ने 4 मई को एग्रीकल्चर इनपुट कंपनी (AIC) को भारत से 80,000 टन केमिकल फर्टिलाइजर खरीदने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। प्रोक्योरमेंट पैकेज में 60,000 टन यूरिया और 20,000 टन डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) शामिल थे। उससे नेपाल ने शुरू में भारत से 150,000 टन की रिक्वेस्ट की थी।नेपाल की मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट के जॉइंट सेक्रेटरी और एग्रीकल्चर इनपुट्स कंपनी के चेयरमैन राम कृष्ण श्रेष्ठ ने कहा है कि कैबिनेट से 80,000 टन की मंजूरी के बावजूद हमने 50,000 टन केमिकल फर्टिलाइजर इंपोर्ट करने का फैसला किया है। इसकी वजह फाइनेंशियल रिसोर्स की मौजूदगी औ ग्लोबल मार्केट में कीमतें गिरना है।











