भोपाल। बिहार सांस्कृतिक परिषद द्वारा सरस्वती देवी मंदिर प्रांगण में माताओं की संतान के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के लिए मनाया जाने वाला पावन जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर माताओं एवं श्रद्धालुजनों ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की तथा जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। बड़ी संख्या में माताएं एवं श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर प्रांगण में उपस्थित हुए और धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
व्रत के पश्चात आज विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पारण किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजनों एवं प्रसाद के रूप में सत्पुतिया(झिंगुणी), रागी (मड़ुआ), कुशी केराव (देशी मटर), नूनी साग, पोई पत्ता की भाजी एवं विभिन्न पकवानों का सेवन कर माताओं ने अपना व्रत पूर्ण किया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। माताओं ने अपनी संतान की दीर्घायु, आरोग्य एवं सुखमय जीवन की कामना करते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की।
बिहार सांस्कृतिक परिषद द्वारा इस पावन आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी माताओं, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
