इजरायली अधिकारियों ने एविओर जाकेन पर आरोप तय किए हैं। जाकेन उस बुजुर्ग जोड़े का पोता है, जिन्होंने आचार्य को काम पर रखा था। एनडीटीवी के मुताबिक, कामगारों ने इजरायली सरकार से मांग की है कि वह इस मामले में पूरी कानूनी कार्रवाई करे। आचार्य के परिवार को मुआवजा दे और हिंसा से भारतीय विदेशी कामगारों की सुरक्षा करे।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर ध्यान
जाकेन पर इजरायली दंड संहिता के तहत सोच-समझकर हत्या करने का आरोप है। इस हफ्ते राजीव आचार्य की हत्या के करीब एक महीने बाद तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने एक्स पर कहा कि वह इजरायली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। अधिकारियों ने बताया है कि एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद पूरी सच्चाई और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।भारतीय समुदाय की अपील में इजरायल में घरेलू कामगारों की असुरक्षित स्थिति पर खास तौर पर ध्यान दिलाया गया है क्योंकि वे उन्हीं घरों में रहते हैं, जहां उन्हें काम पर रखा जाता है। मई 2023 में भारत सरकार ने 42,000 से ज्यादा भारतीय कामगारों को इजरायल भेजने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से 34,000 निर्माण कार्य में और 8,000 बुजुर्गों की देखभाल के काम में गए।
