पाकिस्तानी सेना के लिए प्रोपेगेंडा करने वाली वेबसाइट डिफेंस सिक्योरिटी एशिया ने लिखा है कि चीन प्रोटोटाइप वैलिडेशन से आगे बढ़कर नौसेना और जमीन-आधारित ऑपरेशन की जरूरतों के लिए पांचवीं पीढ़ी के दो अलग-अलग फाइटर जेट्स की बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है। नवभारत टाइम्स इन दावों की पुष्टि नहीं करता है। ना तो चीन और ना ही पाकिस्तान ने अभी तक जे-35 डील को लेकर कुछ नहीं कहा है। पाकिस्तानी सेना ने डील की पुष्टि की है।
पाकिस्तान को जल्द मिलने वाले हैं J-35 विमान?
J-35 एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है और चीन ने इसे वायुसेना और नौसेना, दोनों के लिए बनाया है। ये एयरक्राफ्ट कैरियर से भी ऑपरेट होता है। चीन ने इसे अपने एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात भी कर लिया है। नौसेना में तैनाती के साथ-साथ जमीन से ऑपरेट होने वाले J-35A वैरिएंट को आधिकारिक तौर पर 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स' में शामिल कर लिया गया है। यह चीन के बढ़ते पांचवीं पीढ़ी के फाइटर बेड़े और फोर्स-स्ट्रक्चर प्लानिंग में भारी J-20 के मुकाबले एक हल्का और कम खर्चीला विकल्प साबित होगा।पाकिस्तान वायुसेना के हवाले से इस साल जनवरी में पाकिस्तानी मीडिया में कहा गया था कि J-35AE के अलावा पाकिस्तान चीन से KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और HQ-19 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियारों का बड़ा पैकेज खरीद रहा है। KJ-500 एक अवाक्स एयरक्राफ्ट है। पाकिस्तान के दो अवाक्स एयरक्राफ्ट को ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत ने तबाह कर दिया था।
पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा या हकीकत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान चीन से 40 J-35A स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने वाला है। दावा है कि शेनयांग के नए प्रोडक्शन कॉम्प्लेक्स में लगभग 8.6 बिलियन युआन यानि करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया है। पाकिस्तानी मीडिया में पिछले वर्ष से ही दावे किए जाते रहे हैं कि उसे जे-35 जल्द मिलने वाले हैं। लिहाजा ये प्रोपेगेंडा कैम्पेन का भी हिस्सा हो सकता है।भारत के लिए दिक्कत ये है कि भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल कोई स्टील्थ फाइटर जेट नहीं है। वहीं भारत तेजस लड़ाकू विमान के इंजन की जल्द डिलीवरी के लिए अमेरिका पर मोहताज है। अमेरिकी कंपनी काफी धीमे रफ्तार से तेजस के इंजन की सप्लाई कर रही है। जबकि क्या भारत कोई स्टील्थ जेट खरीदेगा इसपर फैसला नहीं हो पाया है।











