उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया सीएम मोहन यादव का घर, विधि-विधान से पूजन के बाद खुद चलाई गेती

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया सीएम मोहन यादव का घर, विधि-विधान से पूजन के बाद खुद चलाई गेती
उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने विकास के बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस बीच उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद एक अनूठी मिसाल पेश की है। शहर के अब्दालपुरा इलाके में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए उनके अपने पैतृक मकान को तोड़े जाने की प्रक्रिया के दौरान सीएम खुद वहां पहुंचे और विधि-विधान से पूजन-पाठ करने के बाद अपने घर पर खुद गेती चलाई।

बचपन की यादों से जुड़े पैतृक घर का टूटा हिस्सा

सिंहस्थ महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक की सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस कार्रवाई की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक घर और उनकी बहन एवं उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती यादव का मकान भी आ गया है।

सीएम के दादा ने बनवाया था मकान

मुख्यमंत्री के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी घर में सीएम मोहन यादव का बचपन बीता और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई थी, जहां रहते हुए वे कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए थे। सड़क चौड़ीकरण के लिए सीएम के पैतृक मकान का 2.90 मीटर हिस्सा और उनकी बहन कलावती यादव के मकान का 3.8 मीटर हिस्सा तोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, उनके घर के सामने स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर का 20 फीट से ज्यादा हिस्सा भी इस दायरे में आया है।

मोहल्ले के करीब 270 मकान आ रहे हैं जद में

इस पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सीएम के मोहल्ले के लगभग 270 मकान और संरचनाएं जद में आ रही हैं। हालांकि, स्थानीय रहवासियों और पड़ोसियों ने इस मुहिम का पूरी तरह स्वागत किया है और कहा है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की भव्यता के लिए यह जरूरी कदम है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रशासनिक स्तर पर विकास और मास्टर प्लान को लेकर भी तेजी आई है, जिसमें भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन भी शामिल है, ताकि राज्य के शहरों को आधुनिक और व्यवस्थित रूप दिया जा सके। बहरहाल, उज्जैन में खुद मुख्यमंत्री द्वारा अपने घर पर गेती चलाकर विकास कार्यों का समर्थन करना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
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