कभी नासिक के एक किंडरगार्टन के छोटे से कमरे में सात दोस्तों के साथ काम शुरू करने वाली ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन आज क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के कारोबार में पहुंच चुकी है। वह इस कंपनी के एमडी और चेयरमैन हैं। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है।
किंडरगार्टन में बना पहला ऑफिस
साल 2004 में जब पीयूष सोमानी ने अपना कारोबार शुरू किया, तब उनके पास न बड़ा ऑफिस था और न ही कोई बड़ा निवेशक। शुरुआत एक कंप्यूटर, बेसिक इंटरनेट कनेक्शन और टेक्नोलॉजी बिजनेस बनाने के भरोसे से हुई।नासिक के कॉलेज रोड स्थित एक किंडरगार्टन के छोटे से कमरे को शुरुआती ऑफिस बनाया गया। दिन में जहां बच्चों की क्लास चलती थी, वहीं बाकी समय उसी कमरे में सोमानी और उनके सात दोस्तों की टीम वेब-होस्टिंग और सपोर्ट का काम करती थी।
दोस्त की जगह खुद को मिल गई नौकरी
पीयूष सोमानी की राह शुरुआत से आसान नहीं थी। साल 1997 में उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लेने की कोशिश की, लेकिन सीटों की कमी के कारण उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में जाना पड़ा। उन्हें यह बदलाव पसंद नहीं आया और वह पहले साल में फेल भी हो गए।बाद में पिता की सलाह पर उन्होंने कंप्यूटर से जुड़ा 15 दिन का कोर्स किया। इस छोटे से कोर्स ने टेक्नोलॉजी के प्रति उनकी सोच बदल दी। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई में नौकरी की, जहां उनकी शुरुआती सैलरी सिर्फ 3,000 रुपये महीना थी।
लेकिन नौकरी उन्हें ज्यादा समय तक रोक नहीं पाई। वह नासिक लौट आए। इसी दौरान एक दोस्त के साथ IT नौकरी के इंटरव्यू में पहुंचे। इंटरव्यू उनके दोस्त का था, लेकिन कंपनी के मालिक को सोमानी की बातचीत पसंद आ गई और नौकरी उन्हें मिल गई।
2004 में शुरू हुआ ESDS का सफर
नौकरी के अनुभव के बाद सोमानी ने अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। साल 2004 में सात दोस्तों के साथ वेब-होस्टिंग और सपोर्ट बिजनेस शुरू किया गया। जनवरी 2005 में कंपनी को आधिकारिक तौर पर ESDS यानी Exuberant Support and Data Center Services के नाम से रजिस्टर किया गया।कारोबार बढ़ने के साथ कंपनी ने ब्रिटेन और अमेरिका में अधिग्रहण के जरिए भी विस्तार किया। हालांकि, शुरुआती सात साझेदारों के बीच समय के साथ मतभेद हुए और बाकी पार्टनर कंपनी से अलग हो गए। इसके बाद कारोबार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सोमानी के कंधों पर आ गई।
