उन्होंने कहा 'हमने जरूरी सुरक्षा गारंटी हासिल कर ली है और इन ऑपरेशन्स के लिए सुरक्षित नेविगेशन की शर्तों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ली है।' 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान ने इस जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था जिससे जहाज जलमार्ग पर ही फंस गए थे। सैकड़ों जहाज पिछले 2-3 महीनों से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए थे जिन्होंने स्विट्जरलैंड समझौते के बाद राहत की सांस ली है।
होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय नाविकों के लिए खुशखबरी, UN ने 11000 लोगों को निकालने का काम किया शुरू
तेहरान/नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कदम ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद उठाया गया है। IMO के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह ऑपरेशन 'ईरान, ओमान, क्षेत्र के सभी तटीय देशों, अमेरिका और समुद्री उद्योग के साथ मिलकर' चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा 'हमने जरूरी सुरक्षा गारंटी हासिल कर ली है और इन ऑपरेशन्स के लिए सुरक्षित नेविगेशन की शर्तों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ली है।' 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान ने इस जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था जिससे जहाज जलमार्ग पर ही फंस गए थे। सैकड़ों जहाज पिछले 2-3 महीनों से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए थे जिन्होंने स्विट्जरलैंड समझौते के बाद राहत की सांस ली है।
उन्होंने कहा 'हमने जरूरी सुरक्षा गारंटी हासिल कर ली है और इन ऑपरेशन्स के लिए सुरक्षित नेविगेशन की शर्तों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ली है।' 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान ने इस जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था जिससे जहाज जलमार्ग पर ही फंस गए थे। सैकड़ों जहाज पिछले 2-3 महीनों से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए थे जिन्होंने स्विट्जरलैंड समझौते के बाद राहत की सांस ली है।











