भोपाल। प्रदेश में पहली बार भोपाल की सेंट्रल जेल में कैदियों की नशे की लत छुड़ाने के लिए केंद्र बनाया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से यह केंद्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें मनोचिकित्सक, काउंसलर पदस्थ रहेंगे। उपचार की अन्य सुविधाएं भी रहेंगी।
अभी तक प्रदेश की विभिन्न जेलों में कैदियों की नशे की लत छुड़ाने के लिए काउंसलिंग, जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन इनके ज्यादा प्रभावी नहीं होने के कारण अलग से केंद्र बनाया जा रहा है।जेल मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि बाहर नशा करने वाला व्यक्ति जब जेल में पहुंचता है और उसे जेल में नशे की चीजें नहीं मिलने से कई मानसिक समस्याएं होती हैं।
मनोचिकित्सकों की भाषा में इसे विथड्रावल सिम्टम्स कहा जाता है। विकल्प के तौर पर उन्हें लौंग, सौंफ आदि सामग्री दी जाती है, पर उसका भी खास लाभ नहीं मिलता।
विथड्रावल सिम्टम्स में कुछ कैदी तो खाना- पीना तक छोड़ देते हैं। प्रस्तावित केंद्र में इन्हीं कैदियों को नशे से दूर करने के लिए काउंसलिंग व अन्य उपाय किए जाएंगे।
अन्य जेलों से भी ऐसे कैदियों को भोपाल लाया जाएगा। इसका बड़ा लाभ यह होगा कि जेल से छूटने पर भी वे नशे से दूर रहेंगे। बीच-बीच में अलग आयोजन कर अन्य कैदियों को भी नशे की दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।











