रचित भाटिया ने इस स्टिंग ऑपरेशन में एक युवा खिलाड़ी के बारे में भी बताया है। भाटिया के अनुसार यह खिलाड़ी दिल्ली का रहने वाला है। आईपीएल 2025 में चेन्नई का हिस्सा था और चेन्नई की जानकारी लीक की। वहीं, दिल्ली प्रीमियर लीग में भी यह खिलाड़ी मैच फिक्स करने, धीमी बल्लेबाजी करने और अन्य जानकारियां देने के लिए तैयार है। भाटिया ने जिस खिलाड़ी की तरफ इशारा किया, उसकी प्रोफाइल वंश बेदी से मिलती है। हालांकि, डीडीसीए साफ कर चुका है कि वंश ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं थे। सटोरियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश जरूर की थी।
CSK पर फिर फिक्सिंग का साया, AGM में चर्चा करेंगे अधिकारी, रचित भाटिया ने युवा क्रिकेटर को फंसाया
नई दिल्ली: आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स पर एक बार फिर फिक्सिंग का साया मंडरा रहा है। टीम के एक खिलाड़ी पर आईपीएल 2025 के दौरान प्लेइंग 11 और अन्य जानकारियां देने का आरोप लगा है। ये जानकारी मैच से पहले ही सटोरियों तक पहुंचा दी गई थी। रचित भाटिया नाम के एक पूर्व क्रिकेटर के स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ है। तहलका स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि आईपीएल 2025 में चेन्नई के पांच मैच की जानकारी पहले ही सटोरियों तक पहुंचाई गई। हर मैच के लिए रचित को 60 लाख रुपये मिले और पूरे सीजन में उन्हें कुल 3 करोड़ रुपये सटोरियों से मिले।
रचित भाटिया ने इस स्टिंग ऑपरेशन में एक युवा खिलाड़ी के बारे में भी बताया है। भाटिया के अनुसार यह खिलाड़ी दिल्ली का रहने वाला है। आईपीएल 2025 में चेन्नई का हिस्सा था और चेन्नई की जानकारी लीक की। वहीं, दिल्ली प्रीमियर लीग में भी यह खिलाड़ी मैच फिक्स करने, धीमी बल्लेबाजी करने और अन्य जानकारियां देने के लिए तैयार है। भाटिया ने जिस खिलाड़ी की तरफ इशारा किया, उसकी प्रोफाइल वंश बेदी से मिलती है। हालांकि, डीडीसीए साफ कर चुका है कि वंश ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं थे। सटोरियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश जरूर की थी।
रचित भाटिया ने इस स्टिंग ऑपरेशन में एक युवा खिलाड़ी के बारे में भी बताया है। भाटिया के अनुसार यह खिलाड़ी दिल्ली का रहने वाला है। आईपीएल 2025 में चेन्नई का हिस्सा था और चेन्नई की जानकारी लीक की। वहीं, दिल्ली प्रीमियर लीग में भी यह खिलाड़ी मैच फिक्स करने, धीमी बल्लेबाजी करने और अन्य जानकारियां देने के लिए तैयार है। भाटिया ने जिस खिलाड़ी की तरफ इशारा किया, उसकी प्रोफाइल वंश बेदी से मिलती है। हालांकि, डीडीसीए साफ कर चुका है कि वंश ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं थे। सटोरियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश जरूर की थी।
