नौगजा पीर मजार के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद जवाब नहीं दिया गया। इस पर बुधवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने बुलडोजर से मजार का पूरा ढांचा गिरा दिया और करीब 10 बीघा जमीन को कब्जामुक्त करा दिया। सुमननगर इलाके में बरसाती नदी के किनारे टिहरी विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन पर कुछ लोगों ने मजार बनाकर कब्जा कर लिया था।
हरिद्वार के सुमन नगर में नौगजा पीर मजार पर चला बुलडोजर, हुआ जमींदोज; प्रदेश में अब तक 600 पर कार्रवाई
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई। जिले के सुमन नगर में सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से नौगजा पीर मजार का निर्माण किया गया था। इसको गिराने के लिए बुलडोजर चलाया। मजार को गिराने के बाद उसके नीचे से कोई प्राचीन अवशेष या मानव अवशेष नहीं मिले। दरअसल, गढ़मीरपुर गांव के पास सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध मजार बनाई गई थी। इसे प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दिया है।
नौगजा पीर मजार के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद जवाब नहीं दिया गया। इस पर बुधवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने बुलडोजर से मजार का पूरा ढांचा गिरा दिया और करीब 10 बीघा जमीन को कब्जामुक्त करा दिया। सुमननगर इलाके में बरसाती नदी के किनारे टिहरी विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन पर कुछ लोगों ने मजार बनाकर कब्जा कर लिया था।
नौगजा पीर मजार के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद जवाब नहीं दिया गया। इस पर बुधवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने बुलडोजर से मजार का पूरा ढांचा गिरा दिया और करीब 10 बीघा जमीन को कब्जामुक्त करा दिया। सुमननगर इलाके में बरसाती नदी के किनारे टिहरी विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन पर कुछ लोगों ने मजार बनाकर कब्जा कर लिया था।











