बांग्लादेश का टेस्ट कप्तान और कारनामे विराट-धोनी जैसे, रिकॉर्ड ऐसा कि रोहित शर्मा को दे रहे टक्कर! ऑस्ट्रेलिया के लिए खतरा
Updated on
11 Aug 2026, 01:24 PM
नई दिल्ली: लगभग 23 सालों के लंबे अंतराल के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट मैच खेलने उतरी बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के लिए आगामी कुछ हफ्ते बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरे पर टीम की सफलता का पूरा दारोमदार उनके कप्तान नजमुल हुसैन शांतो के कंधों पर टिका हुआ है। प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही बांग्लादेशी टीम को रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी साख बचाए रखने के लिए शांतो की आक्रामक बल्लेबाजी और अच्छे नेतृत्व की सख्त जरूरत है।दौरे की शुरुआत नहीं रही अच्छी
दौरे की शुरुआत बांग्लादेश के लिए किसी झटके से कम नहीं रही है। 13 अगस्त से डार्विन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से ठीक पहले टीम को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में पारी और 38 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। दूसरी पारी में महज 54 रनों पर ढह गई बांग्लादेशी बल्लेबाजी की कमजोरी ने कप्तान शांतो की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस अभ्यास मैच में शांतो खुद भी पहली पारी में 37 रन और दूसरी पारी में शून्य पर आउट हो गए जिसके बाद मैदान पर वापसी का दबाव और बढ़ गया है।अच्छी फॉर्म में हैं शांतो
पिछले 18 महीनों से बेहतरीन लय में चल रहे शांतो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं जो उनके स्वाभाविक आक्रामक अंदाज के बिल्कुल अनुकूल है। हालांकि, टॉप ऑर्डर में लगातार हो रहे बदलावों और ओपनिंग बल्लेबाजों की नाकामी के चलते उन्हें अक्सर मोमिनुल हक के साथ मिलकर शुरुआती ओवरों में पारी संभालनी पड़ती है। राहत की बात यह है कि मध्यक्रम में उनके पास मुशफिकुर रहीम का साथ है जबकि लिटन दास की वापसी से न केवल विकेटकीपिंग में मजबूती आई है बल्कि बल्लेबाजी क्रम को भी स्थिरता मिली है।
बतौर कप्तान शानदार रहा प्रदर्शन
मैदान पर बल्लेबाजी के अलावा शांतो की कप्तानी इस पूरी सीरीज में बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ा संबल साबित होगी। हाल ही में वे बांग्लादेश के इतिहास के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने हैं। शांतो ने महज 19 टेस्ट मैचों में 8 जीत हासिल कर मुशफिकुर रहीम के 34 मैचों में 7 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पिछले तीन सालों में दुनिया भर के कप्तानों की सूची में सर्वाधिक जीत दर्ज करने वाले टॉप पांच कप्तानों में शांतो का नाम प्रमुखता से शामिल है।
रोहित के रिकॉर्ड को टक्कर
रोहित शर्मा ने साल 2023 के बाद 24 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें 12 जीत, 9 हार और 3 ड्रॉ (50% जीत दर) शामिल हैं। 2023 के बाद उनके कार्यकाल में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार 4-1 से जीत और दक्षिण अफ्रीका में अवे सीरीज ड्रॉ रही, जिसके बाद घरेलू हार और फिर संन्यास के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हुआ। वहीं शांतो ने 19 में से 8 टेस्ट जीत के साथ अपना रिकॉर्ड 42.1% का रखा है।