गुजरात के डीसा में बनेगा एशिया का पहला रेगिस्तान-थीम वाला नाइट सफारी और जू, 2700 जानवरों का होगा बसेरा
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13 Aug 2026, 12:31 PM
बनासकांठा: गुजरात के बनासकांठा जिले का डीसा शहर में जल्द ही एशिया का पहला रेगिस्तान-थीम वाला नाइट सफारी और जू बनेगा। इस जू में लगभग 2700 जानवरों और 83 प्रजातियों का बसेरा होगा। सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) से मंजूरी मिलने के बाद एशिया के पहले डेजर्ट-थीम वाले ड्राइव-थ्रू नाइट सफारी और जूलॉजिकल पार्क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यह परियोजना जूना डीसा में करीब 103 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर विकसित की जाएगी।गुजरात के वन मंत्री ने दी जानकारी
गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोधवाडिया ने इस प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना को CZA की गाइडलाइंस के तहत तैयार किया गया है और इसकी अनुमानित लागत 542.14 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार की योजना के मुताबिक पार्क में करीब 83 प्रजातियों के 2,700 देशी और विदेशी जानवरों तथा पक्षियों को रखा जाएगा। पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली नाइट सफारी होगी, जहां पर्यटक रात में सक्रिय रहने वाले वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे।पांच विशेष बाड़े बनाए जाएंगे
परियोजना में अलग डे जू के साथ नाइट सफारी के लिए पांच विशेष बाड़े बनाए जाएंगे। गुजरात के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (वाइल्डलाइफ) और चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन डॉ. जयपाल सिंह ने बताया कि पूरे पार्क की डिजाइन रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यहां प्राकृतिक सूखे लैंडस्केप विकसित किए जाएंगे। पार्क में चिंकारा, ब्लैकबक, इंडियन वाइल्ड ऐस, एशियाई शेर और तेंदुए जैसी प्रमुख प्रजातियां होंगी। इसके अलावा इंडियन साही, भारतीय खरगोश, हेजहॉग, रेगिस्तानी खरगोश, स्लॉथ बियर, इंडियन काराकल, भारतीय भेड़िया, सुनहरा सियार, धारीदार लकड़बग्घा और भारतीय रेगिस्तानी लोमड़ी भी आकर्षण का केंद्र होंगी।
शाकाहारी और मांसाहारी जीवों के लिए अलग-अलग बाड़े
पार्क में शाकाहारी और मांसाहारी जीवों के लिए अलग-अलग बाड़े, एवियरी, रेप्टाइल हाउस, बटरफ्लाई पार्क और इंटरप्रिटेशन सेंटर की सुविधा होगी। पर्यटकों के लिए फूड कोर्ट, स्मारिका दुकान और गोल्फ कार्ट सर्विस भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा रेप्टाइल सफारी, रेनफॉरेस्ट बायोम और एक्वेरियम भी विकसित किए जाएंगे। अफ्रीकी रेगिस्तान की प्रजातियां भी यहां आकर्षण बढ़ाएंगी। इनमें अंगोलन जिराफ, ग्रेवी जेब्रा, सिमिटार ओरिक्स, अफ्रीकी कुडू, स्प्रिंगबॉक, काला गैंडा, चिंपैंजी, मीरकट, अफ्रीकी चीता, अफ्रीकी शेर और फेनेक लोमड़ी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई रेगिस्तानी प्रजातियों में कंगारू, एमु और वालाबी भी रखे जाएंगे।